समर्थक

शुक्रवार, 25 मई 2012

तुम रूठा न करो मेरी जान निकल जाएगी

ATT00002

7 टिप्‍पणियां:

  1. बड़ा मस्त अंदाज है, सीधी साधी बात |
    अट्ठाहास यह मुक्त है, मुफ्त मिली सौगात |

    मुफ्त मिली सौगात, डाक्टर हों या भगवन |
    करिए मत नाराज, कभी दोनों को श्रीमन |

    डाक्टर गर नाराज, हुए भगवन के प्यारे |
    भगवन गर नाराज, पड़े डाक्टर के द्वारे ||

    उत्तर देंहटाएं
  2. 'This blog dignify the amount of my knowledge and beautify the premises of my area of interest.This blog really compelete my needed information.''Keep dispatching me further valuable blogs Court Marriage Delhi, Court Marriage, Love Marriage Delhi

    उत्तर देंहटाएं